चरखाः एक अद्वितीय उद्योग
मैंने यह जो इतनी परीक्षा ली, इसका कारण यह है कि आपकी प्रशंसा मैंने बहुत सुनी थी और अब मैं जो कुछ कहने जा रहा हूं,»
मैंने यह जो इतनी परीक्षा ली, इसका कारण यह है कि आपकी प्रशंसा मैंने बहुत सुनी थी और अब मैं जो कुछ कहने जा रहा हूं,»
जिन लड़कों का अभी आपसे परिचय करवाया गया, वे मेरे मित्र और साथी कार्यकर्त्ता, स्वर्गीय मोहम्मद काछलिया के पौत्र है»
गांधी जी ने गुजरात महाविद्यालय के उद्घाटन के अवसर पर भाषण दिया। यह भाषण गुजराती में था। गांधी जी के इस भाषण को गुजराती न»
आज जो युद्ध चल रहा है, बहुत कम लोग उसके महत्व को जानते होंगे। एक सज्जन ने मुझसे पूछा है कि ‘‘हम जो कार्य कर रहे हैं क्या»
गांधी जी ने 20 अक्टूबर 1920 को यंग इंडिया में एक लेख लिखा। इस लेख के जरिए गांधी जी ने प्रशिक्षित स्वंसेवकों की आवश्यकता»
गांधी जी ने गुजराती के नवजीवन, 3-10-1920 अंक मेंं असहयोग पर लिखा। इस लेख के इस वाक्य से इसका सार समझ सकते हैं।अगर शिक्षक»
गांधी जी ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय उद्घाटन समारोह में 4.2.16 को दिया। गांधी जी का यह यादगार भाषण हमारे लिए एक राह दि»
नृपेन्द्र मिश्र से अपरिचित तो शायद ही इस समय कोई होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वे प्रमुख सचिव थे। यह उनका पुराना प»
विचार में शक्ति संकल्प से आती है। आजादी के अमृत महोत्सव का संकल्प वैसा ही है, जैसा महात्मा गांधी के नमक सत्याग्रह का था।»
कोराना की दूसरी लहर में हमारा व्यवहार कैसा होना चाहिए? यह प्रश्न इसलिए है क्योंकि राजनीतिक नेतृत्व इस संकट में भी अपनी स»
पूरी दुनिया में भारत की पहचान धर्म के आधार पर बनी है। भारत की पहचान यहाँ जन्में अवतारों के कारण बनी है। इससे बढ़कर भगवान»
अयोध्या पर्व की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि रामलला का मुकदमा हम जीत गए। जब पिछले साल अयोध्या पर्व शुरू हुआ था तो किसने सोच»
शास्त्रों का एक सिद्धांत है कि प्रयत्न से फल नहीं मिलते, पुण्य से फल मिलते हैं। प्रयास से ही फल मिलतो तो दुनिया में श्रम»
गांधी को कितने लोगों ने याद रखा? जिन्होंने सत्ता स्वीकार की और खुद को उनका उत्तराधिकारी घोषित किया उन्होंने उनका कितना स»
अयोध्या की राम जन्मभूमि की एक लड़ाई अभी हमने जीती है। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि यह जानते हुए कि मंदिर तोड़े गए थे, यह»
अयोध्या पर्व राजधानी में मनाया जा रहा है। दिल्ली में अयोध्या पर्व होने का मतलब है कि हम जल्द ही रामलला के मंदिर का निर्म»
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पक्ष में जिस समय निर्णय आया उसी समय सृष्टि में युग का परिवर्तन हो गया। इस समय कलिकाल चल रहा है»
अयोध्या, सरयू और राम जी की जो पावन पवित्रता है वह अयोध्या की सीमा तक सीमित नहीं है। वो चतुर्भुवन तक और सार्वकालिक है। इस»
बंबई के एक कार्यकर्ता ने इंटरनेट खंगाला और बड़े प्राचीन ऐसे कई मानचित्र खोज लिए जो ब्रिटेन के लोगों ने तैयार किए थे। वेद»