लोकहित का अखबारी घराना क्यों बना नवसाम्राज्यवाद का वाहक – इतिहास जनसत्ता का

  रामनाथ गोयनका के निधन से इंडियन एक्सप्रेस समूह पर ग्रहण लग गया। ऐसा हो ही नहीं सकता था कि जनसत्ता उससे अछूता रहे।»

जब सरकार ने रिलायंस की हलक से निकाल लिया बैंकों से लिया कर्ज – इतिहास जनसत्ता का

उस समय भी रिलायंस ने सरकार में कितनी गहरी सुरंग बिछा ली थी यह जानने के लिए विश्वनाथ प्रताप सिंह की पुस्तक ‘मंजिल से ज्या»