आतंकवाद की फैक्ट्री बने मदरसे
पाकिस्तान भी मानता है कि मदरसे आतंकवाद के प्रशिक्षण स्थल बन गए हैं। इसलिए उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा में लाने की»
पाकिस्तान भी मानता है कि मदरसे आतंकवाद के प्रशिक्षण स्थल बन गए हैं। इसलिए उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा में लाने की»
फारूक अब्दुल्ला व महबूबा मुती की ओर से दिये जा रहे अलगाववादी बयानों पर कांग्रेस की चुप्पी हैरान करने वाली है। इन»
सभी दल मुसलमानों का इस्तेमाल करते हैं। यह लड़ाई हिन्दू और मुसलमानों के बीच की नहीं है। हिन्दुओं के बीच की ही दो व»
कुंभ मूलत: साधु-संन्यासियों के इकट्ठा होने का अवसर था, लेकिन अंग्रेजों के समय कुंभ का स्वरूप मेले का बना दिया गया»
राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से राहुल गांधी को जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई आसानी से नहीं होगी। हमारा दे»
यह मात्र संयोग नहीं था कि भारत सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास के लिए 26 नवंबर का दिन चुना। इस कॉरिडोर को»
एक बार फिर केरल के उच्च न्यायालय ने सबरीमाला मंदिर की परंपराओं की रक्षा का आदेश दिया है। श्री अयप्पा के भक्तों की»
सर्वोच्च न्यायालय में अयोध्या मामले की सुनवाई लंबी खिंचती चली जा रही है। पहले न्यायालय ने यह आशा व्यक्त की थी कि»
बुनियादी तौर पर विकास दो आयामों में अभिव्यक्त होता है, एक तो भौतिक दूसरे चेतनागत। जब विकास की इन दोनों परिभाषाओं»
इरफ़ान हबीब के प्रति मेरे मन में कभी कोई शंका नहीं रही। मैं उन्हें बहुत पहले से बेईमान इतिहासकार मानता रहा हूं लेकिन जिस»
आजाद हिंद फौज की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसी लाल किले पर झंडा फहराकर सुभाष चंद्»
साइकिल पैरों के गति का विस्तार है। जहाज कदमों के अधिकतम तीव्र गति का विस्तार है।एक दौर वह भी था ,जब देश विलंबित गति से च»
जिसमें रम गए वही राम है. सबके अपने-अपने राम हैं. गांधी के राम अलग हैं, लोहिया के राम अलग. वाल्मीकि और तुलसी के राम में भ»
गुजरात में नर्मदा के तट पर सरदार पटेल की 182 मीटर की प्रतिमा का अनावरण स्वतंत्र भारत की एक महत्वपूर्ण घटना है। यह»
त्रेतायुग के बाद पिछले बरस की तरह इस बार भी दीवाली ऐसी रही कि अयोध्या निहाल हो उठी। इतिहास करवट ले रहा था। काल का पहिया »
अर्थव्यवस्था को अनौपचारिक से औपचारिक रूप देने की प्रक्रिया में सरकार ने जो कई अहम फैसले किए उनमें नोटबंदी बेहद मह»
नगालैंड के गांधी नटवर ठक्कर नहीं रहे। गुवाहाटी के एक अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली। वे उस पीढ़ी के थे जो भार»
हमारे देश को आजाद हुए 70 वर्ष से ज्यादा हो गए हैं | इन वर्षों में देश ने काफी कुछ तरक्की किया है | लेकिन इन वर्षों में द»
दृश्य-एक। ‘युद्ध में अयोध्या’ व ‘अयोध्या का चश्मदीद’ के लेखक व चर्चित पत्रकार हेमंत शर्मा ने अपनी पुस्तक ‘तमाशा मेरे आगे»