क्या सी. राजगोपालाचारी भारत विभाजन के मंत्रदाता थे

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे कुंवर नटवर सिंह दूसरों से भिन्न हैं। राजनीति की मुख्यधारा में सक्रिय नहीं रहते हुए भी वे अपन»

अब तक वे संघ के मार्गदर्शक थे, अब देश के अभिभावक हो गए

मुहावरे की भाषा में ही इसे कहना चाहिए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत दिल्ली आए। साफ मन और दिल से आए। स»

नरेंद्र मोदी का स्वछता अभियान अभी कुछ मुद्दों तक ही सीमित है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बात का श्रेय दिया जाना चाहिए कि उन्होंने अपने आपको दूसरे प्रधानमंत्रियों की तरह केवल राज»

मीडिया के इस दौर में पत्रकार के रूप में गांधी को याद करती पुस्तक ‘गांधी की पत्रकारिता’

गांधी जी की पत्रकारिता को समझाने वाली पुस्तक ‘गांधी की पत्रकारिता’ छप कर आ गई है। इसे प्रज्ञा संस्थान के लोकनीति केन्द्र»

कम्युनिस्टों से मिलता है भारतीय राजनीति के अघोरपंथ को बौद्धिक समर्थन

इस वर्ष छात्रसंघ चुनाव के परिणामों से स्पष्ट है कि जवाहर लल नेहरू विश्वविद्यालय अभी भी वामपंथियों का गढ़ बना हुआ है। अखिल»