केरल से चेतावनी : हाथी गलियारा बने नेपाल सीमा पर !!
आखिरकार अरिकंपन पकड़ लिया गया। मगर बेहोश कर दिए जाने के बाद ही। अब केरल से तमिलनाडू सीमावर्ती कुंबुम घाटी के पास कलक्काड»
आखिरकार अरिकंपन पकड़ लिया गया। मगर बेहोश कर दिए जाने के बाद ही। अब केरल से तमिलनाडू सीमावर्ती कुंबुम घाटी के पास कलक्काड»
कानून ने तो अपना कर्तव्य कर दिया। पर असली दंड इन इस्लामी मुजरिमों को कब मिलेगा ? वे हत्या, लूट, जबरन वसूली, फिरौती, डकैत»
अंततः कवि मोहम्मद इकबाल को दिल्ली विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद ने राजनीति शास्त्र के पाठ्यक्रम से हटा ही दिया। बीए के»
कश्मीर घाटी में दो खास परिस्थितियों में ही कहा जा सकता है : “All is well”. पहला है जब मां खीर भवानी के मंदिर में जमा ह»
अमूमन छात्रों द्वारा हंगामा बरपाना तथा तोड़फोड़ करना उनके विरोध-चिंतन को व्यक्त करने का माध्यम रहा है। ऐसे अग्निपथ पर»
नए संसद भवन के प्रस्तावित उद्घाटन (28 मई 2023) पर कांग्रेसी विवाद से जुड़े मेरे कल के (22 मई 2023) पोस्ट पर कई प्रतिक्रिय»
भारत पहले रूस, फिर थोड़े समय चीन और 1990 से अमेरिका बनने की कोशिश मे लगा| पर ब्राजीलीकरण की ओर बढ़ा| ब्राजील की आबादी उत्त»
आदिवासी इलाका मेघालय तथा अत्याधुनिक अमेरिका में एक नए समान प्रचलन ने हलचल मचा दी है। स्वागतयोग्य है। अब संतान को मां के»
जैसा कई बार कहा जा चुका है कि समाज मे पिछले 500 वर्षों मे जो बदलाव आया है उतना बदलाव पिछले 5000 वर्षों मे भी नही आया| उप»
बाहुबली पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई के विरुद्ध दिवंगत आईएएस जी.कृष्णैया की पत्नी उमा कृष्णैया ने उच्चतम न्यायालय में»
विभाजन और गाँधी जी — मुझे ऐसा लगता है कि महात्मा गांधी जिन परिस्थितियों में यहाँ आए वह बहुत भीषण थीं, दुःखदायी थीं»
आज तक यह विवाद मिटा नहीं कि भारत में विपक्ष के कई नेता कांग्रेस पार्टी से नूरा कुश्ती लड़ते रहते थे। खास कर कम्युनिस्ट»
जनवरी,1963 में अपने एक मित्र को लिखे गये पत्र में इंदिरा गाँधी लिखती हैं, ‘लोकतंत्र किसी औसत आदमी को सिर्फ ऊचाई पर»
इस वर्ष के 74वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कहा»
भारत के गृहमंत्री अमित शाह की यात्रा से अरूणाचल प्रदेश पुनः अखबारों की सुर्खियों में है। वे दो दिवसीय अपनी यात्रा पूरी क»
मनीषी हजारी प्रसाद द्विवेदी आज अगर होते, तो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात को 21वीं सदी की सांस्कृतिक क्रांत»