श्री हरि के अवतारों की लीला भूमि अयोध्या – अहो अयोध्या
श्री हरि विष्णु ने रक्ष संस्कृति के विनाश के लिए अयोध्या में राजा दशरथ के यहां श्रीराम के रूप में अवतार लिया था। यह अवात»
श्री हरि विष्णु ने रक्ष संस्कृति के विनाश के लिए अयोध्या में राजा दशरथ के यहां श्रीराम के रूप में अवतार लिया था। यह अवात»
रामलला का मंदिर बनने जा रहा। यह एक दिन में नही हुआ। अयोध्या में कदम दर कदम अयोध्या आंदोलन के संघर्ष के साथियों की गवाहिय»
तुलसी ने “बयरु न कर काहू सन कोई, राम प्रताप बिषमता खोई” भी कहा था,और “नृपहिं दोष नहीं दिन्हिं सयाने»
स्वामी वामदेव एक भोले-भाले विनम्र संत थे। छोटे कद वाले वामदेव के भीतर संतई के सारे गुण थे। उन्होंने अयोध्या में राममंदिर»
स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती वही शंकराचार्य थे, जिनकी अध्यक्षता में पांचवीं धर्मसंसद की विशेष बैठक हुई, जहां कारसेवा की ता»
स्मरण होगा कि मई 1992 में संतों ने उज्जैन की बैठक में कारसेवा की तारीख पक्की कर दी तो राजनीतिक नेतृत्व सख्ते में आ गया थ»
यह बात कम लोग जानते हैं कि राममंदिर आंदोलन के सारे सूत्र मोरोपंत पिंगले के पास थे। वही इस आंदोलन के शिल्पी थे। अयोध्या म»
शिक्षा-दीक्षा से रसायन शास्त्री एचवी. शेषाद्रि राम जन्मभूमि आंदोलन में संघ का मुखर चेहरा थे। उनके ऊपर संघ की ओर से राम ज»
महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के कडोली कस्बे में जनमे चंडिका दास अमृत राव देशमुख को दुनिया नानाजी देशमुख के नाम से जानती है»
अपनी राजनीतिक जरूरत को महसूस कर विश्वनाथ प्रताप सिंह की सरकार ने उडुपि के पेजावर स्वामी से संपर्क स्थापित किया। यह बात 1»
वीपी सिंह की सरकार के समय अयोध्या आंदोलन अपने उफान पर था। उन्हीं दिनों सरकार ने एक ऐसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को चुना जो ध»
रामचंद्र परमहंस अयोध्या आंदोलन के इकलौते चरित्र हैं, जो मूर्तियां रखे जाने से लेकर ध्वसं तक की घटनाओं के मुख्य किरदार थे»
हम महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहे हैं। इसी अवधि में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद अयोध्या में राम जन्मभूमि व»
अयोध्या आंदोलन के पक्ष अनेक हैं। अनंत हैं। आंदोलन की पूर्णाहुति के पश्चात इस पर ध्यान दिया जाने लगा है। लेकिन जब कभी इस»
जाने-माने पत्रकार भानुप्रताप शुक्ल ने अपने जीवन के अंतिम दिनों में एक राज खोला। वह यह कि उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक सं»
सनातन संस्कार और अपने तमाम प्रतीकों के सहारे लगातार भारत भूमि पर अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करते हुए अपने सफर में सनातन»
ये भावविह्वल हैं। आनंद में निमग्न हैं, सदियां बीत गईं, प्रतीक्षा में। आखिर वह घड़ी आ ही गई। अयोध्या की आध्यात्मिक ऊर्जा»
सामरिक युद्ध हुआ तो चीन बंट जाएगा, तिब्बत मुक्त होगा – रामबहादुर राय»
भारतीय कारीगरी, मंदिरों की परंपरा और गांवों के नामकरण का इतिहास – रविन्द्र शर्मा गुरूजी»