अनंत प्राकृतिक एवं सभ्यतागत संसाधनों से मंडित भारत

आनादिकाल से भारत भूमि एवं भारतीय सभ्यता परमात्मा की विशिष्ट कृपा की पात्र रही है। यह राष्ट्र अनंत प्राकृतिक एवं सभ्यतागत»

महिमा ‘कोदंड रामकथा’ की – कोदंड कठिन चढ़ाइ सिर जट जूट बाँधत सोह क्यों………..

कोदंड कठिन चढ़ाइ सिर जट जूट बाँधत सोह क्यों। मरकत सयल पर लरत दामिनि कोटि सों जुग भुजग ज्यों॥ कटि कसि निषंग बिसाल भुज गहि»