‘राजमार्गों के शिल्पी’ की आंखों में अब रच बस रहा जलमार्ग 

साइकिल पैरों के गति का विस्तार है। जहाज कदमों के अधिकतम तीव्र गति का विस्तार है।एक दौर वह भी था ,जब देश विलंबित गति से च»

राम लोकतांत्रिक हैं क्योंकि अपार शक्ति के बावजूद मनमाने फैसले नहीं लेते

जिसमें रम गए वही राम है. सबके अपने-अपने राम हैं. गांधी के राम अलग हैं, लोहिया के राम अलग. वाल्मीकि और तुलसी के राम में भ»

पदक का खेल

  हमारी सभी तरह की नीतियों के केंद्र में अब किस तरह समाज की जगह राज्य होता जा रहा है, इसका सबसे बड़ा उदाहरण तो हमारी»