भावी पीढ़ी की सांसों को विराम दे रहा अनैतिक विकास
बुनियादी तौर पर विकास दो आयामों में अभिव्यक्त होता है, एक तो भौतिक दूसरे चेतनागत। जब विकास की इन दोनों परिभाषाओं»
बुनियादी तौर पर विकास दो आयामों में अभिव्यक्त होता है, एक तो भौतिक दूसरे चेतनागत। जब विकास की इन दोनों परिभाषाओं»
इरफ़ान हबीब के प्रति मेरे मन में कभी कोई शंका नहीं रही। मैं उन्हें बहुत पहले से बेईमान इतिहासकार मानता रहा हूं लेकिन जिस»
आजाद हिंद फौज की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसी लाल किले पर झंडा फहराकर सुभाष चंद्»
साइकिल पैरों के गति का विस्तार है। जहाज कदमों के अधिकतम तीव्र गति का विस्तार है।एक दौर वह भी था ,जब देश विलंबित गति से च»
जिसमें रम गए वही राम है. सबके अपने-अपने राम हैं. गांधी के राम अलग हैं, लोहिया के राम अलग. वाल्मीकि और तुलसी के राम में भ»
गुजरात में नर्मदा के तट पर सरदार पटेल की 182 मीटर की प्रतिमा का अनावरण स्वतंत्र भारत की एक महत्वपूर्ण घटना है। यह»
त्रेतायुग के बाद पिछले बरस की तरह इस बार भी दीवाली ऐसी रही कि अयोध्या निहाल हो उठी। इतिहास करवट ले रहा था। काल का पहिया »
अर्थव्यवस्था को अनौपचारिक से औपचारिक रूप देने की प्रक्रिया में सरकार ने जो कई अहम फैसले किए उनमें नोटबंदी बेहद मह»
नगालैंड के गांधी नटवर ठक्कर नहीं रहे। गुवाहाटी के एक अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली। वे उस पीढ़ी के थे जो भार»
हमारे देश को आजाद हुए 70 वर्ष से ज्यादा हो गए हैं | इन वर्षों में देश ने काफी कुछ तरक्की किया है | लेकिन इन वर्षों में द»
दृश्य-एक। ‘युद्ध में अयोध्या’ व ‘अयोध्या का चश्मदीद’ के लेखक व चर्चित पत्रकार हेमंत शर्मा ने अपनी पुस्तक ‘तमाशा मेरे आगे»
पंचायती शासन किस तरह के भाईचारे पर टिका रहा है इसका उदाहरण महम चैबीसी से पाया जा सकता है। सामान्यतया जाटों के गोत्र पांच»
आज से पांच-छ: दशक पहले तक कोई इस बात की कल्पना भी नहीं कर सकता था कि गंगा नदी इतनी प्रदूषित हो जायेगी कि उसके जल»
पिछले सात दशक से अपनी रक्षा चुनौतियों को हम कितनी अगंभीरता से ले रहे हैं, इसका सबूत सभी तरह की रक्षा सामग्री के ल»
हमारी सभी तरह की नीतियों के केंद्र में अब किस तरह समाज की जगह राज्य होता जा रहा है, इसका सबसे बड़ा उदाहरण तो हमारी»
खाप पंचायतों को लेकर कुछ सालों में एक गलत धारणा बन गई है। खाप पंचायतों को कबीलाई दृष्टि से देखा जाने लगा। लेकिन खाप पंचा»
कल तक जो अमेरिकी संस्थाएं और अखबार चीन का गुणगान करने में लगे हुए थे और उसे विश्व अर्थव्यवस्था का इंजन बता रहे थे»
सोनिया गांधी ने तहलका टेप की जांच क्यों बंद करवाई? उनका फर्स्ट ग्लौबल कंपनी से क्या रिस्ता है? क्योंकि बिना रिस्ते और रू»
चुनावी राजनीति को पटरी पर लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक देश-एक चुनाव’ का विचार रखा। अगर ऐसा ह»