स्वतंत्र भारत में सहकारिता आंदोलन
साल 1946 में सरदार बल्लभ भाई पटेल की अपील पर खेड़ा के दुग्ध उत्पादक 15 दिन की हड़ताल पर चले गए। यह आंदोलन निजी पोलसन कंप»
साल 1946 में सरदार बल्लभ भाई पटेल की अपील पर खेड़ा के दुग्ध उत्पादक 15 दिन की हड़ताल पर चले गए। यह आंदोलन निजी पोलसन कंप»
आज पंचायती राज दिवस है। एक बार ठहरकर सोचें। अपने संविधान को भी निहारे, और देखें की गांधी का ग्राम स्वराज उसमें कहां था।»
कोरोना महामारी बाजारपरस्त वैश्वीकरण का नया संस्करण है या उसका अंत? यह विमर्श का मुद्दा हो सकता है, लेकिन एक बात स»
भारत की अर्थव्यस्था कृषि अर्थव्यवस्था रही है। ग्राम स्वराज्य उसी खेती किसानी पर आधारित है। भारत में किसान का स्वभाव सहका»
जमींदारी प्रथा का अंत हो चुका है। इसके साथ ही किसानों को जमीन का हक मिला। किसानों को मिला अधिकार भी काफी कुछ पन्नो पर ही»
वसंधुरा – जैसा कि नाम से वर्णित है-वसु जिसमें वास है! यह पंच भौतिक तत्व-मिट्टी, जल, आकाश, वायु एवं अग्नि से मिलकर»
भारत कृषि प्रधान गांवों का देश है और गांव का इतिहास मानव सभ्यता के विकास का इतिहास रहा है। गांव परिवारों या व्यक्तियों क»
मध्य प्रदेश के सिंगरौली स्थित रिलायंस पावर प्लांट के ऐश डैम हादसे को मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गंभीरता से ल»
जाहिलों की जाहिलियत जारी है। जाहिलियत एक सोच है। अगर यह सोच किसी मजहब का आधार ही बन जाए तो समझो कि खतरा आपके सबसे करीब ह»
यह हमारे राजनीतिक-बौद्धिक जीवन का बैरोमीटर है कि जिस संस्था के काम से पिछले सौ साल से पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है, और»
चीन से संक्रमित हुए कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में उथल पुथल मचा दी है। दुनियाभर में कामकाज ठप्प है, स्कूल कॉलेज बंद हैं»
संविधान सभा ने अपने लिए जो उद्देश्य निर्धारित किए, क्या उसे वह प्राप्त कर सकी? अत्यंत पीड़ादायक तथ्य है कि संविधान सभा को»
मुझे हिन्दू होने पर गर्व है क्योंकि मेरा धर्म किसी पर थूक फेंक कर उसे कोरोना-संक्रमित करने की अनुमति नहीं देता चाहे वह व»
मिर्जा गालिब ने कहा था, ‘‘वो अपनी खू न छोड़ेंगे, हम अपनी वज’अ क्यों छोड़ें…’’। सचमुच, जब दुनिया अभूतपूर्व रोग से»
पहले मौसम की मार और अब कोरोना त्रासदी। हम कहीं के नहीं रहे। यह कहना है आम के बागवानों और कारोबारियों का। दोनों को गर्मी»
कोरोना के कहर से देश ठप है। कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। खेती किसानी तथा कृषि पर आधा»
विश्व विरादरी में चीन घिरता जा रहा है। उसके अपने कारनामें धीरे-धीरे बाहर आ रहे हैं। जिस कोरोना से पूरी दुनिया परेशान है»
राज आनंद की फेसबुक वाल से.. वामपंथी इतिहासकारों ने लिखा कि लालकिला मुगल शाहजहां ने १६३८ में बनवाया था…लेकिन ऑक्सफो»
हमरे बगिया में रंग-रंग के आम, महुआ, जामुन, कटहर, बडहड, इमली, कैथा, बईर, जंगल जलेबी, ढेरा, सिंहोर, बांस, चिलबिल अउर बेल आ»