गिलगित-बाल्तिस्तान चिंगारी बन सकता है
लद्दाख में भारतीय सेना की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने पाकिस्तान को भी मुश्किल में डाल दिया है। लद्दाख की सीमाएं पाकिस्तान»
लद्दाख में भारतीय सेना की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने पाकिस्तान को भी मुश्किल में डाल दिया है। लद्दाख की सीमाएं पाकिस्तान»
1% लोगों ने देश को अपने चंगुल में जकड़ा हुआ है और 10% लोग उनके माया-जाल में जाने- अंजाने फंसे हुए हैं। उन्होंने साफ-साफ क»
पाकिस्तान इस समय अपने जीवन के सबसे बड़े संकट से गुजर रहा है। लगभग दो वर्ष पहले इमरान अहमद खान नियाजी पाकिस्तान के प्रधानम»
संविधान के लक्ष्य संबंधी प्रस्ताव पर बहस से एक बात साफ-साफ उभरती है। वह उस समय की कड़वी सच्चाई थी। बड़े नेता अखंड भ»
महात्मा गांधी की पत्रिकाएं: नवजीवन, हरिजन, आज, सौराष्ट्र, भारतीय खादी समाचार, खादी जगत, खादी पत्राकार, नई तालीम, सबकी»
किसानों के नाम पर कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियाँ बेवजह की राजनीति कर किसानों को भड़का रहें हैं |वैसे भी आज कल विपक्»
इसी तरह जाने माने इतिहासकार धर्मपाल की पुस्तक ‘इंडियन साइंस एंड टेक्नालाजी इन दी एटींथ सेंचुरी’ में भारत की उन्नत खेती क»
संविधान सभा के पांचवे दिन पंडित जवाहर लाल नेहरू ने लक्ष्य संबंधी प्रस्ताव रखा। वे चाहते थे कि उसे संविधान सभा बिना बहस क»
पं. दीनदयाल उपाध्याय के दौर की राजनीति में साम्यवाद और समाजवाद का बोलबाला था। उस समय इनसे भिन्न दीनदयाल जी ने जो विचार द»
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की हत्या एक अबूझ पहेली बनी हुई है। वह शायद ही हल की जा सके। अब तो हाल यह है कि उसे अतीत का एक विस»
बॉलीवुड के नायक नायिकाओं को लाखों लोग अपना आदर्श मानते हैं| उनके द्वारा पर्दे पर दिखाए गए चरित्र को अपने जीवन में»
भारत में धर्म उसे माना गया जिसे सम्पूर्ण समाज ने समाज के सुचारू चलते रहने के लिए मान्यता दे दी? कितना गहरा फर्क है पश्चि»
मोदी सरकार ने कृषि में सुधार के तीन कदम उठाए हैं। पहला कृषि उत्पाद विपणन समिति अधिनियम में सुधार। दूसरा कांट्रक्ट फार्मि»
मंडी में किसान अपना माल फैला कर एक कोने में हाथ बांध कर मज़दूरों की तरह बैठ जाता है। और बार बार मंडी के दलाल से विनती करत»
नील, नील की खेती, रस्सी, पलगं के प्रकार। जल के स्त्रोत, गावं की अर्थव्यवस्था कृष्ण की तीन क्रांतियां भारत एक उद्याग प्रध»
भारत की जीवन-व्यवस्था और चिंतन-प्रक्रिया में एक अद्भुत सामर्थ्य रही है। हजारों वर्ष प्राचीन हमारा देश आर्थिक, सामाजिक, र»
बदलते हुए समय में किसान को उसकी मेहनत का मूल्य मिलना चाहिए। किसान कड़ी मजदूरी करके जो भी पैदा करता है, उसकी मजबूरी का ला»
विपक्ष को किसानो की नहीं विचौलियों की चिंता है। वह बिचौलियों के लठैती कर रहा। विपक्ष ने मानसून सत्र के सातवें दिन राज्यस»
कौन न्यायी, दृढ़ है और कमजोरों के पक्ष में खड़ा होता है? कौन एक ईमानदार और काबिल प्रशासक है? कौन दुश्मनों का मुकाबला करता»