लोकतान्त्रिक स्मृति में आपातकालीन इतिहास की युति-वियुति
समझि बुझि दृढ़ हो रहे बल तजि निर्बल होय। कहैं कबीर सो संत को पला न पकड़े कोय ॥’ अर्थात् सोच-विचार कर दृढ़ बना रहता»
समझि बुझि दृढ़ हो रहे बल तजि निर्बल होय। कहैं कबीर सो संत को पला न पकड़े कोय ॥’ अर्थात् सोच-विचार कर दृढ़ बना रहता»
बड़ी और युवा आबादी के देश भारत में रोजगार की उपलब्धता एक संकट है और बहस-विमर्श का विशिष्ट मुद्दा भी. पिछले दिनों एक कार्य»
राष्ट्रीयता का सार शिक्षा के ध्येय में आत्मसात है. देश नई सदी में परिवर्तन के नित नये आयामों के समक्ष अपने लोकतान्त्रिक»
‘आमि सेइ दिन होबो शांत, जबे उत्पीड़ितेर क्रंदन-रोल आकाशे बातासे ध्वनिबे ना, अत्याचारीर खड्ग कृपाण भीम रणभूमे रनिबे»
भाषाएं परिनिष्ठित तथा लिखित साहित्य का माध्यम बनती हैं’, यह साहित्य की परिभाषा है लेकिन भाषाएँ अलगाववाद एवं राष्ट्»
परिवार एक पालना है, ‘सकल चारित्रिक एवं उत्तम सामाजिक गुणावली’ का. परिवार के वृहत रुप में ही राष्ट्र की संकल»
धर्मों एवं पंथों की वैचारिकी का प्रादुर्भाव मानव सभ्यता की आध्यात्मिक व नैतिक उन्नति के सन्मार्ग निर्धारित करने के हुआ ल»
पिछले दिनों सर्वोच्च न्यायालय ने अपने महत्त्वपूर्ण निर्णय में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के 22.5 फीसदी आरक्षण (SC»
लोकतान्त्रिक राष्ट्र की सम्पूर्ण जीवन-चर्या में संविधान आस्था का केन्द्र है. संविधान वो नियमावली है जिस पर राष्ट्र का सा»
कोलकाता की महिला चिकित्सक के साथ हुईं यौन हिंसा एवं हत्या के जघन्य अपराध ने पूरे राष्ट्रीय समाज को शर्मसार कर दिया. उक्त»
कल्कि 2898 एडी की बड़ी सफलता कोई अपवाद नहीं है. पिछले एक दशक में दक्षिण के सिनेमा ने विकास और सफलता की एक लंबी उड़ान भरी ह»
सनातन पौराणिक मान्यताओं पर आधारित बहुभाषा में रिलीज फ़िल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ ने बॉक्स ऑफिस पर कमाई के नये रिका»
जाति की लड़ाई से संसद हलकान है. प्रतीत होता है कि राष्ट्रीय स्तर पर विमर्श का एक ही और सबसे प्रमुख मुद्दा शेष है, जाति. ज»
यतो धर्मस्ततो जयः अर्थात् जहाँ धर्म है, वहां जय है. इस ध्येय वाक्य के साथ स्वतंत्र भारत में न्यायपालिका की स्थापना हुईं,»
जुलाई 1896 में ज़ब लुमियरे बन्धुओं ने पहली बार भारत में सिनेमा का प्रदर्शन किया तब यह कला से अधिक कौतुहल का विषय था. भावन»
नागरिक की स्वतंत्रता तथा उसके नैसर्गिक अधिकारों की स्थिर गरिमा एवं मानव समाज में स्थापित शुचिता वे आधारभूत सिद्धांत है ज»
भारत विश्व का सर्वाधिक युवा देश है, जहाँ जनसंख्या का लगभग 66 फीसदी आबादी यानि 808 मिलियन लोग 35 वर्ष से कम आयु के हैं. ज»
कांग्रेस के राजकुमार एवं भारतीय जनतन्त्र पर जबरन मुसल्लत किये गये राहुल गाँधी और उनके नेतृत्व में विपक्ष लगभग दो वर्षों»
संविधान नियमों, अधिनियमों का संग्रहण या दस्तावेज मात्र नहीं होता. यह लोकतंत्र का प्राण तत्व है, उसकी जीवंतता आधार है. 26»